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बस्ती पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: शातिर ऑटो चोर गैंग का खात्मा, थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की टीम ने दबोचे 4 अपराधी

तीन जिलों में फैला था जाल, मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पुलिस ने बरामद किए चोरी के वाहन

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: भानु प्रताप के चक्रव्यूह में फंसे ऑटो लिफ्टर, 4 शातिर दबोचे, 3 टेम्पो बरामद

  • आधी रात को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, नगर पुलिस ने संगठित ऑटो चोर गैंग का किया पर्दाफाश; 25 हजार का इनाम घोषित
  • थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की बड़ी कार्रवाई: शातिर चोरों के गिरोह का अंत, सलाखों के पीछे पहुंचे गैंगेस्टर
  • बस्ती में ऑटो चोर गैंग का भंडाफोड़: एसओजी और नगर पुलिस ने मिलकर की घेराबंदी, चार गिरफ्तार
  • वाहन चोरों पर काल बनकर टूटी बस्ती पुलिस, बेलाड़ी-मरवटिया मार्ग पर तड़के हुई मुठभेड़ में दबोचे गए अपराधी

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश

बस्ती (3 मई 2026): जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत थाना नगर पुलिस और एसओजी (SOG) टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। संगठित तरीके से ऑटो और टेम्पो चोरी करने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे थाना अध्यक्ष नगर भानु प्रताप सिंह की सक्रियता और रणनीतिक कौशल ने एक बार फिर अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।

वारदात का सिलसिला और पुलिस की घेराबंदी

पिछले कुछ समय से बस्ती और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी की घटनाएं सिरदर्द बनी हुई थीं। विशेषकर 20 अप्रैल को ग्राम संसापुर फुतहिया से हुए ऑटो चोरी और मुंडेरवा क्षेत्र की घटनाओं ने पुलिस को चुनौती दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने अपनी टीम और सर्विलांस सेल को एक्टिव किया।

आज तड़के करीब 3:30 बजे, जब दुनिया गहरी नींद में थी, भानु प्रताप सिंह की टीम ने ग्राम बेलाड़ी से मरवटिया मार्ग पर जाल बिछाया। सटीक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और भागने की फिराक में लगे चार अभियुक्तों को धर दबोचा।

पुलिस हिरासत में लिए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. जितेंद्र (24 वर्ष) पुत्र शिवदास गोंड, निवासी काली कुंज बैरियहवा, थाना कोतवाली।
  2. रवि (26 वर्ष) पुत्र अनदेखू, निवासी काशी राम आवास, थाना कोतवाली।
  3. फारुख (39 वर्ष) पुत्र रूआब अली, निवासी बड़ेबन (मड़वानगर), थाना कोतवाली।
  4. शिवपुजन (28 वर्ष) पुत्र बेचन शर्मा, निवासी रुसतमपुर, थाना सोनहा।

​चोरी की कार्यप्रणाली: धक्का देकर स्टार्ट करते थे वाहन

​पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सुनसान स्थानों पर खड़े टेंपो को निशाना बनाते थे। उन्होंने बताया कि:

  • UP51AT6566: 14 अप्रैल की रात फुटहिया चौराहा (थाना नगर) से चोरी किया था।
  • UP51BT5349: 27 अप्रैल की रात सिसवा माफी (थाना मुंडेरवा) में ग्राम प्रधान के घर के सामने से गायब किया था।
  • UP51AT8673: 20 अप्रैल की रात सिटी हॉस्पिटल दक्षिण दरवाजा (पुरानी बस्ती) से चोरी किया था।

​शातिर चोरों ने बताया कि वे वाहनों को धक्का देकर स्टार्ट करते थे और सुरक्षित स्थान पर छिपा देते थे। रविवार को वे इन तीनों वाहनों को बेचने के लिए ले जा रहे थे, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

​कानूनी कार्यवाही

​इस मामले में थाना नगर पर पंजीकृत मु०अ०सं०-92/2026 में धारा 303(2) BNS के साथ अब 317(2) BNS (चोरी की संपत्ति प्राप्त करना/रखना) की वृद्धि की गई है। पुलिस टीम अब गिरोह के अन्य संपर्कों और पूर्व के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है।

​टीम को मिली सराहना

​सफलतापूर्वक कार्यवाही करने वाली टीम में मुख्य रूप से थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, एसओजी प्रभारी विकास यादव, उपनिरीक्षक मो० मुस्तफा खान, आनंद कुमार सिंह सहित सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल सत्येन्द्र और एसओजी व थाना नगर के अन्य मुख्य आरक्षी व आरक्षी शामिल रहे। एसपी बस्ती ने पुलिस टीम के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है।

तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से तीन चोरी के टेम्पो बरामद किए हैं। पूछताछ में इन अपराधियों ने कबूला कि वे सुनसान रास्तों से वाहन उड़ाते थे और उनके नंबर प्लेट बदलकर दूसरे जनपदों में खपाने की फिराक में रहते थे।

अपराध का काला इतिहास

पकड़े गए आरोपियों का रिकॉर्ड बेहद दागदार है। इन पर पूर्व में चोरी, आर्म्स एक्ट (Arms Act) और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरोह न केवल चोरी करता था, बल्कि संगठित तरीके से अपराध का एक पूरा नेटवर्क चला रहा था। अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत ने क्षेत्राधिकारी कलवारी संजय सिंह की मौजूदगी में प्रेस वार्ता कर बताया कि यह टीम पिछले काफी समय से पुलिस की रडार पर थी।

थाना अध्यक्ष की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और ईनाम की घोषणा

इस सफल ऑपरेशन की सबसे खास बात थाना अध्यक्ष नगर भानु प्रताप सिंह की अगुवाई रही। उनकी प्रभावी रणनीति और टीम वर्क के कारण ही चोरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टीम में एसओजी प्रभारी विकास यादव और अन्य उपनिरीक्षकों का भी अहम योगदान रहा।

पुलिस टीम की इस मुस्तैदी और दिलेरी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने पूरी टीम के लिए 25,000 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।

“अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता। बस्ती पुलिस आम जनमानस की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे अपराधियों पर नकेल कसना हमारी प्राथमिकता है।” — प्रशासनिक वक्तव्य

इस कार्रवाई से जिले के वाहन चोरों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने और इनके अन्य साथियों का सुराग लगाने की तैयारी में है।

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