
सिद्धार्थनगर के इटवा में कुत्तों का आतंक छाया हुआ है। पिछले दिनों जिलाधिकारी के निर्देश पर कुत्तों को टाउन प्रशासन ने पकड़ कर बाहर छोड़ा था, इसके बाद भी कुत्तों की झुंड दिखाई दे रही है। इनमें एक-दो कुत्ते पागल हो गए हैं। दो दिनों के अंदर 15 लोगों को काटकर घायल कर दिया है।
इनमें 10 का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा में कराया गया। जबकि कुछ निजी अस्पतालों में उपचार कराने गए। कुत्तों के आतंक से पूरे कस्बे में दहशत बनी हुई है। लोग बच्चों को घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। लोगों का
कहना है कि कुत्ते बड़ों पर हमला कर दे रहे हैं तो बच्चों के लिए और खतरनाक स्थिति है।
अब तक ये लोग हुए कुत्ते का शिकार
इटवा नगर पंचायत में सोमवार और मंगलवार को करीब 15 लोग कुत्ते का शिकार हो चुके हैं। इनमें इटवा निवासी वरिष्ठ तिवारी 55 वर्ष, रमेश 24, शिव शंकर सोनी 40, राम उजागिर 65, अर्जुन गोस्वामी 45, शिव मंगल 32, राम रतन 20, राधिका 55, राजू प्रसाद 35, लाल यादव 42 साल शामिल हैं।
सीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट खेमराज ने बताया कि सभी पीड़ितों को रैबीज लगाने के साथ जरूरी इलाज किया गया। दो दिनों तक इतनी बड़ी संख्या में लोगों पर कुत्तों के हमले से कस्बे में खौफ छाया हुआ। लोग प्रशासन से इस दिशा में उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस संबंध में उप पशु चिकित्साधिकारी डा. जेएल चौधरी ने बताया कि नगर क्षेत्र है, इसलिए टाउन प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनके स्तर से जो जरूरी कदम होंगे, उठाए जाएंगे। जबकि नगर पंचायत के ईओ संदीप कुमार ने कहा कि घटना संज्ञान में नहीं है। वैसे ये जिम्मेदारी पशु पालन विभाग की है।
उनको जहां सहयोग की आवश्यकता हो, निकाय प्रशासन देने के लिए तत्पर है। जहां तक कुत्तों को पकड़ने की बात है तो कर्मचारियों को लगाकर स्थान चिंहित कर इनको पकड़ने का प्रयास किया जाए।







