
इटवा में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर उन्हें याद किया गया। खुनियांव ब्लाक के संविलियन विद्यालय बहादुनपुर नवीन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान विद्यालय को गुब्बारों से सजाया गया।
प्रधानाध्यापक मिर्जा महबूब हसन ने कहा कि डॉ. कलाम को भारतीय मिसाइल प्रोग्राम का जनक माना जाता है। जब उन्होंने देश के सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, तो देश के सभी वैज्ञानिकों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “सपने वे नहीं होते, जो रात में सोते समय नींद में आए, बल्कि सपने वे होते हैं जो रात में सोने ही न दें।”
जन्म तिथि का जश्न
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने डॉ. कलाम का जन्मदिन मनाने के लिए केक काटा। अन्य वक्ताओं ने भी बच्चों से आह्वान किया कि आर्थिक रूप से कमजोर होने पर भी शिक्षा से दूरी न बनाएं। शिक्षा के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद आप अपने और देश का नाम रोशन कर सकते हैं
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कार्यक्रम में रही बड़ी संख्या में उपस्थिति
कार्यक्रम में सहायक अध्यापक विजय कुमार, सुचित्रा महेन्द्र, संगीता सहित संगम, संजय मौर्य, नन्दनी, निशा, क्रान्ति, सरिता, विजय लक्ष्मी तिवारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक मौजूद रहे। इस अवसर पर छात्रों नेकार्यक्रम में रही बड़ी संख्या में उपस्थिति
कार्यक्रम में सहायक अध्यापक विजय कुमार, सुचित्रा महेन्द्र, संगीता सहित संगम, संजय मौर्य, नन्दनी, निशा, क्रान्ति, सरिता, विजय लक्ष्मी तिवारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक मौजूद रहे। इस अवसर पर छात्रों नेसांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के महत्व का संदेश दिया।




