
शिक्षक समाज के निर्माता -शिवानी जैन एडवोकेट
ऑल ह्यूमन एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रयास किए थे, छात्र जीवन के लिए वो प्रेरणास्त्रोत हैं। उनके सम्मान में ही यह दिवस मनाया जा रहा है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को प्यार से “पीपुल्स प्रेसिडेंट” के रूप में भी याद करते हैं।
थिंक मानवाधिकार संगठन एडवाइजरी बोर्ड नंबर एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकार डॉ कंचन जैन ने कहा कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की महत्वपूर्ण भूमिका, उनकी उपलब्धियां और छात्रों को दी गई प्रेरणा को इस दिन याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं क्योंकि वे छात्रों को उनके संबंधित विषयों में कुशल बनाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। कलाम ने अपना पूरा जीवन शिक्षा और छात्रों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, संरक्षक आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट ,
डॉ आरके शर्मा, निदेशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन,बीना एडवोकेट ने कहा कि
डॉ. कलाम ने हमेशा कहा था कि छात्र ही देश का भविष्य होते हैं, और उन्हें अच्छी शिक्षा और सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी समाज की होती है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य छात्रों के बीच शिक्षा, रचनात्मकता, और नवाचार को बढ़ावा देना है।



