
भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर प्रमुख ब्याज दरों मे कोई परिवर्तन नही किया है। मौद्रिक नीति समिति ने लगातार 11वीं बैठक मे मुद्रास्फीति के जोखिम का हवाला देते हुए शुक्रवार को नीतिगत ब्याज दर रेपो को 6•5% रखने का निर्णय लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास जी ने बैठक मे लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि एमपीसी के छह से चार सदस्यों ने नीतिगत रूख को तटस्थ रखते हुए रेपो दर को स्थिर रखने के लिए मतदान किया । समिति के बाहरी सदस्यों नागेश कुमार और रामसिंह एक चौथाई अंक की कटौती के पक्ष मे थे। इसके अतिरिक्त रिजर्व बैंक आर्थिक गतिविधियों मे सुस्ती के मध्य मार्च 2025 को समाप्त होनेवाले वित्त वर्ष के लिए अपने वृद्धि अनुमान को 7•2% के पिछले अनुमान से घटाकर 6•6% कर दिया। एमपीसीसकी अगली बैठक अगले वर्ष पांच से सात फरवरी को होगी। सुस्त पड़ती हुई अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए बैंकों के पास धन बढ़ाने के लिए नकद आरक्षित अनुपात मे कटौती कर दी। सीआरआर को 0•50% घटाकर चार प्रतिशत कर दिया, जो दिसंबर 14या 28 दिसंबर को दो चरणों मे प्रभावी होगा। इससे अल्पकालिक ब्याज दरों मे कमी आयेगी और बैंक जमा दरों मे दबाव भी कम हो सकता है।


