
समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
चंद्रपुर स्थित महाऔद्योगिक विद्युत केंद्र में मुख्य अभियंता विजय राठौड़ पर पद का दुरुपयोग कर परिजनों
को लाभ पहुँचाने और ठेकेदारी में अनियमितताओं के मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न होने पर लोकल कांट्रेक्टरों ने 20 फरवरी 2026 से सुबह 11 बजे से मेजर गेट के सामने बेमियादी आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इन आरोपों के बाद केंद्र के प्रशासनिक गलियारों में
हलचलें तेज हो गई हैं।
अनशनकारियों की प्रमुख मांगे
1) श्री विजय राठौड़, चीफ इंजीनियर, चंद्रपुर अपने भतीजे श्री विक्की राठौड़ को टेक्निकल असिस्टेंट के तौर पर नियुक्त करने की जांच करें साथ ही, श्री विजय राठौड़, चीफ इंजीनियर के कार्यकाल में किए गए और चल रहे सभी कामों की जांच की जाए।
2) चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन में काम कर रहे सभी लोकल छोटे कॉन्ट्रैक्टर को कॉन्ट्रैक्ट का काम दिया जाए।
3) श्री विजय राठौड़ चीफ इंजीनियर की देखरेख में कॉन्ट्रैक्टर को कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन में जारी किया गया मनमाना D.P.R. (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) काम का प्रस्ताव तुरंत रद्द किया जाए।
4) Q.R. चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन में चीफ इंजीनियर श्री विजय राठौड़ की देखरेख में कॉन्ट्रैक्टर को खास कॉन्ट्रैक्टर की सुविधा के हिसाब से कॉन्ट्रैक्ट का काम देने के लिए जो एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया (क्वालिफाइंग रिक्वायरमेंट) जारी किए जा रहे हैं, उनकी जांच की जानी चाहिए:
5) नॉन-टेक्निकल काम (क्वालिफाइंग रिक्वायरमेंट) के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में ढील दी जानी चाहिए, जैसे झाड़ू लगाना, घास काटना, राख हटाना, नालियों/ड्रेनेज की सफाई करना, सड़कों पर पानी का छिड़काव करना, कोयले को तिरपाल से ढकना, गार्डन की देखभाल करना, सफाई के काम वगैरह।
E) AMC (एनुअल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) के लिए क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में ढील दी जानी चाहिए।
7) श्री विक्की राठौड़ के कार्यकाल में ODP (आउट डोर प्लांट) डिपार्टमेंट में करोड़ों रुपये के काम निकाले गए और श्री विक्की राठौड़ को सस्पेंड किया जाना चाहिए।
8) चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन में पिछले 10 से 15 साल से एक ही पोस्ट और एक ही डिपार्टमेंट में काम कर रहे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और उसे तुरंत नौकरी से निकाल दिया जाना चाहिए।
9) चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन के कई डिपार्टमेंट में एक ही ऑफिसर को एक्स्ट्रा काम दिया गया है। इस बारे में पूरी जांच होनी चाहिए और उस ऑफिसर को दिया गया एक्स्ट्रा काम तुरंत हटाया जाना चाहिए।













