
विस्तृत समाचार रिपोर्ट:
बलिया जनपद की बैरिया तहसील एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। तहसील में कार्यरत उप जिलाधिकारी पर मनमानी, भ्रष्टाचार और सैकड़ों फाइलें गलत आदेश देकर गायब कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों से आहत गरीब और पीड़ित लोग लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी है।
ऐसा ही एक मामला मधुबनी निवासी बब्बन यादव का सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि उनकी महत्वपूर्ण पत्रावली तहसील कार्यालय से गायब कर दी गई, जिससे उनका मामला न्यायालय में प्रभावित हो रहा है। बब्बन यादव का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिकों के साथ स्वयं पीड़ित बब्बन यादव को लेकर जिलाधिकारी बलिया से मुलाकात की गई। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से पत्रांक संख्या 1389(1), दिनांक 04 फरवरी 2026 के माध्यम से उप जिलाधिकारी बैरिया को प्राथमिकी दर्ज कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया।
हालांकि, आरोप है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद आज तक न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही किसी प्रकार की ठोस जांच या कार्रवाई शुरू हुई। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पीड़ित परिवार में भारी निराशा व्याप्त है।
पीड़ितों का कहना है कि तहसील स्तर पर फाइलों को जानबूझकर गायब कर दिया जाता है, ताकि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय न मिल सके। इस तरह की कार्यप्रणाली से न केवल शासन की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि आम जनता का प्रशासन से विश्वास भी डगमगा रहा है।
प्रभावित पक्ष ने पुनः जिलाधिकारी एवं उच्च अधिकारियों से अपील की है कि इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उप जिलाधिकारी बैरिया तथा फाइल गायब करने वाले दोषी कर्मचारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।







