
झालरापाटन, 22 अप्रैल। वाल्मीकि समाज मंदिर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम जयपुर में मानवीय सिस्टम के तहत सीवर में उतरने के दौरान हुई दुखद घटना में अजय (41) और रामबाबू (40) की मौत पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।
महासभा के संरक्षक कैलाश चंद्र यादव ने बताया कि इस गंभीर मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर 23 अप्रैल 2026 को जिला कलेक्टर, झालावाड़ के माध्यम से मुख्यमंत्री, शासन विभाग मंत्री एवं आयुक्त, राजस्थान सरकार जयपुर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद सीवर और सेप्टिक टैंक में मानव प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध है, इसके बावजूद ऐसी घटना होना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों को सीवर में उतरने के लिए मजबूर किया गया, जो कानून का खुला उल्लंघन है।
महासभा ने मांग की कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा मृतक श्रमिकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए जाएं।
बैठक में अध्यक्ष बाबूलाल रेगर, उपाध्यक्ष पिंकेश, कोषाध्यक्ष कमलेश वर्मा सहित जितेंद्र भारतीय, दिलीप कलोसिया, सोहन लाल यादव, विवेक बेरवा, अशोक रेगर, देवी प्रसाद भारतीय, कुंदन, संदीप, कालीचरण और भूपेंद्र सहित कई समाजबंधुओं ने अपने विचार व्यक्त किए और एक स्वर में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।





