
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, रविवार 12 जुलाई 2026
-: नेशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग अथाॅरिटी- एनपीए ,ने आम नागरिकों को राहत देते हुए 39 नई दवाओं की अधिकतम खुदरा विक्रय मूल्य तय कर दी हैं। प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार कम की कीमतों की दवाओं में उच्च रक्तचाप की दवाएं, डायविटीज,ह्रदय रोग संबंधित दवाएं,एचआईवी, आंखों के संक्रमण और कैंसर रोग जैसी गंभीर बीमारियों के ईलाज में उपयोग में लाई जाने वाली दवाईयां शामिल हैं। यह फैसला 08जुलाई 2026 को जारी किया गया है। फार्मास्यूटिकल्स विभाग की ओर जारी किए गए अधिसूचना के अनुसार यह.कीमतें ड्रग्स प्राईसेस कंट्रोल आर्डर वर्ष 2013 के अंतर्गत तय की गई हैं। यहां पर ध्यान देने की बात यह है कि यह कीमतें पहसे बाजार में उपलब्ध दवाओं की कीमतों को कम करना नहीं है, बल्कि नई फार्मूलेशन.- नई दवा के मिश्रण वाली दवाओं के लिए तय की गई हैं।.अधिकतम खुदरा मूल्य तय की दवाओं पर जीएसटी अलग से लगेगा। फार्मास्यूटिकल्स विभाग की ओर से अधिकतम खुदरा मूल्य तय दवाओं में-: हाई ब्लड प्रेशर की दवा, आंखों के ऑपरेशन के बाद संक्रमण रोकने वाली दवा, हार्ट अटैक और स्टोक के खतरे को कम करने वाली दवा,.डायविटीज से संबंधित दवा, आंखों की आई ड्राफ्स एचआईवी से संबंधित दवा, कैंसर आदि की दवाएं शामिल है। प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार एनपीए नें सभी दवा विक्रेताओं रिटेलर्स और डीलरों को यह सख्त निर्देश जारी किए हैं कि उन्हें दुकान में दवा कम्पनियों के द्वारा जारी किए प्राईस लिस्ट को साफ साफ दर्शार्नी होंगी, जिससे दवा दुकान पर आने वाले कोई भी ग्राहक प्राईस लिस्ट को आसानी के साथ देख और तढ़ सके। अगर कोई भी दवा दुकानदार तय की कीमत से ज्यादा पैसा ग्राहक से लेता है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अगर कोई दवा निर्माता कंपनी या मार्केटिंग एजेंट अधिसूचित कीमत का उचित रूप से पालन नहीं करता है तो उसे ज्यादा लिए गए पैसे के साथ साथ ब्याज भी देना होगा।.जानकारी अनुसार यह नियम डीपीसीओ 2013 और एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955के अंतर्गत लागू होगा।





