
*सरकार के आदेशों को हवा में उडाकर लोक निर्माण विभाग कर रहा मनमानी*
*सरीला हमीरपुर*- मुख्यमंत्री द्वारा महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद जनपद का लोक निर्माण विभाग शिकायतो का फर्जी निस्तारण कर सरकार के आदेशों को हवा में उड़ा रहा है
समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रदेश में कहीं भी नई सड़क, सेतु या पुलिया की की मरम्मत और नविनिर्माण में जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन मिलकर प्रस्ताव तैयार करे पैसे की कमी नहीं होने देंगे
और हर गांव, कस्बे, नगर में बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा फरमान आने के बाद क्षेत्र में कई सड़कों के निर्माण होने और जर्जर हो चुकी सड़कों के सुधरने की आशा क्षेत्रवासियों में जगी थी लेकिन इन निर्देशों के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और विभागीय जिम्मेदारों की लचर और लापरवाही भरी कार्यशैली के चलते सरीला क्षेत्र की सड़कों पर मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है कई सड़कों पर मरम्मत के नाम पर गढढो में गिट्टी डालकर तो कहीं मिट्टी से पाटकर छोड़ दिया गया है सरीला क्षेत्र की तमाम सड़के सरीला – खेड़ा,सरीला – छिबौली, बौखर आश्रम से झबरा जिट किरी संपर्क लिंक मार्ग, धगवा चंडौत मुख्य मार्ग से बौख र गांव तक सहित सरीला क्षेत्र में तमाम नवनिर्मित और जर्जर सड़क मार्ग है जिसमें सरकार के फरमान के बाद विभाग केवल खाना पूर्ति कर कर सड़कों को दुरुस्त करने की जुगत में है सरीला क्षेत्र की कई नवनिर्मित सड़कों का वर्ष भर के अंदर ही निर्माण दाई संस्था द्वारा घटिया निर्माण कराए जाने के चलते ध्वस्त हो जाना निर्माण मानकों और गुणवत्ता पर अपने आप में कई सवाल खड़े करता है वहीं विभागीय अधिकारी इन नवनिर्मित सड़कों के ध्वस्त होने पर केवल मोरम खनन परिवहन को इसका बड़ा कारण बताते नहीं थकते क्षेत्रवासियों द्वारा कई जर्जर हो चुके मार्गों की लिखित शिकायत के बाद भी जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग के अधिकारी फर्जी आख्या रिपोर्ट प्रेषित कर घटिया गुणवत्ता से निर्माण कराने वाले निर्माण दाई संस्था के ठेकेदारों को बचाने की गरज से शिकायत का फर्जी निस्तारण भी लगातार कर रहे हैं बौखर संपर्क मार्ग के प्रमुख शिकायतकर्ता खेड़ा निवासी शैलेंद्र ने बताया कि उक्त मार्ग साल भर के अंदर ही जर्जर हो चुका है जब इसकी शिकायत की तो विभाग के अधिकारी जर्जर हो गई सड़क में मोरम परिवहन को वजह बताते हैं जबकि सच यह है कि मोरम यातायात इस सड़क से न होकर झबरा- जिट किरी वाले मार्ग से हुआ है और विभागीय अधिकारी शिकायत निस्तारण में केवल फर्जी फोटोग्राफ अपलोड कर कार्य प्रगति का बहाना बनाकर ठेकेदार को बचा रहे हैं जबकि वास्तविकता इससे कोसों दूर है बिना स्थलीय निरीक्षण के मार्गों की जांच के बिना फर्जी रिपोर्ट बनाकर निस्तारण कर देने से क्षेत्र में विभाग के प्रति नाराजगी बनी हुई है अमूंद निवासी जयनारायण वर्मा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि 1 वर्ष के अंदर ही क्षेत्र की कई नवनिर्मित सड़के जर्जर हो चुकी हैं जिसका प्रमुख कारण केवल निर्माणदाई संस्था द्वारा घटिया निर्माण कराया जाना है जबकि शिकायत करने पर अधिकारी कार्यवाही की फोटोग्राफ डालकर और कार्यालय में बैठकर बिना स्थलीय निरीक्षण के फर्जी रिपोर्ट प्रेषित कर दे रहे हैं जिसकी वजह से शिकायत करने के बाद भी लोगों की बड़ी जनसमस्या बन चुकी इन जर्जर सड़कों की स्थिति जस की तस है अब यह भविष्य के गर्त में होगा कि सरकारी फरमानों के बाद विभाग द्वारा मरम्मत के नाम पर की जा रही लापरवाही पर स्थानीय जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करते हैं और धरातल पर क्षेत्र की जर्जर पड़ी दर्जनों सड़कों और मार्ग रहित तमाम रास्तों पर नई सड़कों को बनवाने की स्थिति में कितना सुधार सरकारी प्रयासों और जन प्रतिनिधियों के सहयोग से हो सकता है


