
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत पेपर
++++++ नागपुर, 12 अक्टूबर रविवार 2025 ++++++
कल शनिवार 11 अक्टूबर को गुजरात के अहमदाबाद में 70वीं फिल्मफेयर अवार्ड सेरेमनी का आयोजन हुआ। फिल्मफेयर अवार्ड सेरेमनी में कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन और अभिषेक बच्चन को फिल्म आई वॉन्ट टू टॉक के लिए बेस्ट अभिनेता का अवार्ड प्राप्त हुआ। आलिया भट्ट को फिल्म जिगरा के बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड दिया गया। बेस्ट फिल्म लापता लेडीज रही। बेस्ट डायरेक्टर के अवार्ड किरण राव को लापता लेडीज फिल्म के लिए दिया गया। जानकारी के अनुसार फिल्मफेयर अवार्ड में 14 अवार्ड हासिल करते हुए फिल्म लापता लेडीज इतिहास में सबसे अधिक अवार्ड जीतने वाली फिल्म भी बन चुकी है। अब तक रह रिकार्ड 13 अवार्ड जीतने वाली गली बॉय के फास ही था। इसके अतिरिक्त इस फिल्म ने सबसे अधिक 24 नॉमिनेशन हासिल करने का भी रिकॉर्ड बनाया। फिल्मफेयर अवार्ड सेरेमनी पर एक नजर-: बेस्ट फिल्म-लापता लेडीज, बेस्ट एक्टर- कार्तिक आर्यन फिल्म चंदू चैंपियन, बेस्ट एक्टर- अभिषेक बच्चन फिल्म आई वॉन्ट टू टॉक, बेस्ट एक्ट्रेस- आलिया भट्ट फिल्म जिगरा, बेस्ट एक्टर- राजकुमार राव फिल्म स्त्री2, बेस्ट एक्ट्रेस क्रिटिक प्रतिभा रांटा फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट फिल्म क्रिटिक आई वॉन्ट टू टॉक, बेस्ट डायरेक्टर- किरण राव फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट सिनेमैटोग्राफी- फिल्म किल, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- रवि किशन फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस- छाया कदम फिल्म लापता लेडीज, ।। फिल्मफेयर अवार्ड विजेता-: बेस्ट डेब्यू फीमैल- नितांशी गोयल फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट डेब्यू मेल- लक्ष्य ललवानी फिल्म किल, बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर- कुणाल खेमू फिल्म मडगांव एक्सप्रेस, बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर- आदित्य सुहास फिल्म – फिल्म आर्टिकल 370, बेस्ट प्लेबैक सिंगर मेल- अरिजीत सिंह, गाना- ओ सजनी रे, फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट प्लेबैक सिंगर फिमेल- मधुबंती बागची, गाना – आज की रात, फिल्म स्त्री2, बेस्ट कोरियोग्राफी- बोस्को सीजर, गाना- तौबा तौबा, फिल्म बैड न्युज, बेस्ट लिरिकस- प्रशांत पांडे, गाना- सजनी रे फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट एडिटिंग फिल्म- किल, बेस्ट एक्शन फिल्म-किल,।। बेस्ट साउंड डिजाइन- सुभाष साहो- फिल्म किल, बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर- राम संपत- फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट कॉस्टयूम – दर्शन जलाल- फिल्म लानता लेडीज, बेस्ट म्युजिक एल्बम- लापता लेडीज- राम संपत, बेस्ट वीएफ एक्स- फिल्म मुंजया, बेस्ट डायलॉग- फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट स्टोरी- फिल्म-आर्टिकल 370, बेस्ट एडेपटेड स्क्रीन प्ले- फिल्म आई वॉन्ट टू टॉक, बेस्ट स्क्रीन प्ले- फिल्म लापता लेडीज, बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन- फिल्म किल।। फिल्मफेयर अवार्ड लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-: जीनत अमान, श्याम बेनेगल ।। फिल्मफेयर अवार्ड पर एक नजर डालते हैं-: फिल्मफेयर अवार्ड की शुरुआत वर्ष 1954 में द टाइम्स ऑफ इंडिया की फिल्मफेयर मैंगजीन ने वार्षिक इवेंट के बतौर शुरू की थी, जिससे हिंदी सिनेमा की फिल्मों को सराहना मिल सके। वर्ष 1954 में ही फिल्मफेयर अवार्ड के साथ ही साथ नेशनल अवार्ड की भी शुरुआत की गई थी। वर्ष 1954 01 मार्च को मुंबई के मेट्रो थियेटर में ही पहली अवार्ड सेरेमनी की शुरुआत की गई। अवार्ड का नाम टाइम्स ऑफ इंडिया की एडिटर क्लैर मेंडोनका पर क्लैर अवार्ड रखा गया था, बाद मेः इसे बदलकर फिल्मफेयर अवार्ड कर दिया गया। पहली सेरेमनी मेः पांच कैटेगरी बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट म्युजिक डायरेक्टर थी। बलराज शाहनी , निरूपा रॉय , मीना कुमारी, स्टारर फिल्म दो बीघा जमीन फिल्मफेयर बेस्ट अवार्ड जीतने वाली फिल्म रही। बीमल रॉय जी को इसके लिए ही बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड भी मिला था। मीना कुमारी जी को फिल्म बैजू बावरा के लिए पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड भी मिला था। बेस्ट एक्टर फिल्म दाग के लिए दिलीप कुमार जी रहे। नौशाद अली को बैजू बावरा के लिए बेस्ट म्युजिक डायरेक्टर का अवार्ड भी प्राप्त हुआ था। पहली सेरेमनी में हॉलीवुड स्टार ग्रेगोरी पेक बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर बुलाए गए थे जो कि फ्लाइट में देरी हो जाने के कारण वो सेरेमनी में पहुंच नहीं पाए थे। वर्तमान समय में टेक्नीकल, क्रिटिक और स्पेशल मिलाकर फिल्मफेयर अवार्ड में 33 कैटेगरी में अवार्ड दिये जाते हैं। वर्ष 1998 में इस अवार्ड में बेस्ट सीन की कैटेगरी को भी शामिल कर लिया गया था परन्तु वर्ष 2012 में इस कैटेगरी को डिसकंटीनयु कर दिया गया। फिल्मफेयर अवार्ड के 25 वर्ष पूरे होने पर सभी फिल्मफेयर विजेताओं को ब्रांज की जगह पर चॉदी की ट्रॉफी प्रदान की गई थी। फिल्मफेयर अवार्ड के 50 वर्ष पूरे होने पर गोल्डन जुबली वर्ष में विजेताओं को असली सोने की ट्रॉफी प्रदान की गई थी। फिल्मफेयर अवार्ड की ट्रॉफी एक महिला की है जिसके दोनों हाथ ऊपर की ओर होते हैं। इसे आमतौर पर द ब्लैक लेडी भी कहा जाता है। इस ट्रॉफी को टाइम्स ऑफ इंडिया के ऑर्ट डायरेक्टर वॉल्टर लैंघामेर के सुपरविजन में एन• जी• पंसारे के द्वारा डिजाइन किया गया था।










