

मुंह और जीभ पर छाले होना एक आम समस्या है। लेकिन दर्द इतना तीव्र होता है, कि पानी पीना भी मुश्किल हो जाता है। कुछ भी खाने पर जलन, बोलने में दर्द और पूरे दिन बेचैनी बनी रहती है। ये छाले अक्सर विटामिन की कमी, पेट की गर्मी या किसी बैक्टीरिया के कारण होते हैं। कई लोग छाले होने पर बाजार की दवाइयों का सहारा लेते हैं। मगर घरेलू उपाय हमेशा से तेज़ और सुरक्षित माने गए हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में से एक है—पपीते के पत्तों से निकलने वाला सफेद दूध।
जब पपीते के पत्ते या उनके डंठल को तोड़ा जाता है।तो उससे सफेद रंग का गाढ़ा सा दूध (लेटेक्स) निकलता है। यही दूध असल में प्राकृतिक औषधि। हैइसमें मौजूद एंज़ाइम पपेन (Papain), एंटी–इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण छालों को जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं। यह जलन शांत करता है। सूजन कम करता है। और घाव को बहुत जल्दी भर देता है।
हेल्थ एक्सपर्ट के बताते हैं, कि पपीते के पत्तों का दूध त्वचा को रिपेयर करने की क्षमता रखता है। यह बैक्टीरिया को बढ़ने नहीं देता। जिससे छाले फैलते नहीं हैं। प्राकृतिक होने के कारण इसके साइड इफेक्ट लगभग ना के बराबर होते हैं।














