कफ सिरप तस्करी : शुभम जायसवाल के राजनीतिक कनेक्शन पर एसटीएफ की नजर, अमित सिंह टाटा ने वाराणसी व पूर्वांचल के कई बड़े नाम उगले
कफ सिरप तस्करी : शुभम जायसवाल के राजनीतिक कनेक्शन पर एसटीएफ की नजर, अमित सिंह टाटा ने वाराणसी व पूर्वांचल के कई बड़े नाम उगले
कफ सिरप तस्करी : शुभम जायसवाल के राजनीतिक कनेक्शन पर एसटीएफ की नजर, अमित सिंह टाटा ने वाराणसी व पूर्वांचल के कई बड़े नाम उगले
कफ सिरप तस्करी मामले में एसटीएफ की जांच लगातार गहराती जा रही है। जांच के दौरान शुभम जायसवाल के पार्टनर अमित सिंह टाटा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अमित ने बयान में वाराणसी और पूर्वांचल के कई प्रभावशाली लोगों के नाम बताए हैं, जिन पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह जताया जा रहा है।
अमित सिंह टाटा ने बताया कि कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल ने बहुत कम समय में बेहिसाब दौलत इकट्ठा कर ली थी। उसके अनुसार शुभम अक्सर कहता था कि “पैसे के दम पर कुछ भी किया जा सकता है, हर किसी को अपनी ओर मोड़ा जा सकता है।” इसी आर्थिक ताकत के बल पर वह अपने नेटवर्क को लगातार मजबूत करता चला गया।
सूत्रों के अनुसार, दो माह पहले राज्य के एक कैबिनेट मंत्री के लखनऊ स्थित अस्पताल में भर्ती होने परराजनीतिक संपर्कों को उजागर कर दिया था।
अमित ने यह भी स्वीकार किया है कि राजनीति में गहरी पैठ बना चुके शुभम का सपना स्वयं ‘माननीय’ बनने का था। वह 2027 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी दक्षिणी सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इसी वजह से दीपावली के दौरान पूरे शहर में उसने अपने होर्डिंग, पोस्टर और बैनर लगवाए थे, जिसके लिए नगर निगम ने उस पर 5.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
एसटीएफ सूत्रों का दावा है कि अगले दो-तीन दिनों में मामले में जुड़े कुछ चर्चित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है, जिनका शुभम जायसवाल से आर्थिक लेनदेन रहा है। वहीं, अगली कार्रवाई के तहत बिहार और झारखंड के कफ सिरप तस्करों की गिरफ्तारी भी संभावित बताई जा रही है, जिनके नेटवर्क का कनेक्शन शुभम से जुड़ा हुआ है।कफ सिरप तस्करी केस में दिन-प्रतिदिन खुलासे बढ़ते जा रहे हैं और एसटीएफ की टीम लगातार सुराग जोड़कर पूरे नेटवर्क को तह तक पहुंचाने की कोशिश में जुटी है।













