
खड़गवां, (कोरिया एमसीबी) जिले के खड़गवां में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा जनजाति के परिवारों के कथित रूप से उजाड़े गए आशियाने (आवास) के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने की मांग को लेकर, खड़गवां में एक एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम एवं राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सहित पार्टी के कई नेता एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे ।
छत्तीसगढ़ शासन में केबिनेट मंत्री के गृह ग्राम खड़गवां का मामला जहां पर बैगा जनजाति के घरों को वन विभाग के द्वारा बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया बैगा परिवार इस कड़कड़ाती ठंड में काफी असहाय और पीड़ित महसूस कर रहा है।
बैगा आदिवासियों के आवासों को प्रशासन/वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर जबरन ध्वस्त कर दिया गया। जबकि उनको वन अधिकार पट्टा भी शासन द्वारा प्राप्त है श्याम सिंह मरकाम ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि खड़गवां क्षेत्र में पेशा कानून लागू है आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है साथ ही छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का गृह ग्राम भी है बावजूद इसके आदिवासी अधिकारों का घोर हनन और बैगा जनजाति के प्रति सरकारी लापरवाही का चरम बताया।
“यह बैगा जनजाति, जिसे देश के सर्वोच्च पद से विशेष संरक्षण प्राप्त है, उनके साथ यह कैसा व्यवहार है? जिसने भी इस ठंड में गरीब आदिवासियों को बेघर किया है, वह तुरंत कानून के शिकंजे में आना चाहिए। इस पूरे मामले में गत दिवस खड़गवां में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया और 11बिंदुओं पर अपनी मांग रखी जैसे कि –
# #हाथी प्रभावित घरों को सरकार उचित मुआवजे की राशि प्रदान करे।##
# #जिन किसानों का रकबा कम किया गया है उसमें तत्काल सुधार किया जाए।##
# #बैगा जनजाति और साथ ही जितने भी ग्रामीणों का घर एवं प्रधानमंत्री आवास को तोड़ा गया है उनको उचित मुआवजे की राशि दिया जाए।##
इसी तरह ग्रामीणों के कई अन्य मुद्दों पर भी अपनी मांग रखी साथ ही 15 दिवस के भीतर सारी मांगों को पूरा करने को कहा कार्यवाही नहीं होने पर जिला मुख्यालय स्तर पर धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन की चेतावनी भी दी है जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।
















