

निवाड़ी। जिले में आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे ने आज वार्ड क्रमांक 01, निवाड़ी में स्थित वाटर फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फिल्टर प्लांट की संपूर्ण कार्यप्रणाली, साफ-सफाई व्यवस्था एवं जल गुणवत्ता से जुड़े मापदंडों की विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर के निरीक्षण के समय उपयंत्री धर्मेन्द्र चौबे द्वारा फिल्टर प्लांट परिसर में संचालित प्रयोगशाला में फिल्टर किए गए पानी की गुणवत्ता जांच कराई गई। इस दौरान पीएच वैल्यू टेस्ट, कंडक्टिविटी टेस्ट एवं टर्बोडिटी टेस्ट कर पानी की शुद्धता की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने इन परीक्षणों को नियमित रूप से किए जाने तथा प्रत्येक जांच का विधिवत अभिलेख संधारित रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे ने वाटर फिल्टर टैंक एवं संपूर्ण प्लांट परिसर में गुणवत्तापूर्ण साफ-सफाई, समय-समय पर टैंक की धुलाई तथा उपकरणों के उचित रख-रखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सतत निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी कहा कि शुद्ध पेयजल नागरिकों का मूल अधिकार है, इसलिए फिल्टर प्लांट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के माध्यम से कलेक्टर ने प्रशासन की पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीरता को स्पष्ट किया और आमजन के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।











