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BHU में UGC है बहना, आपत्तिजनक टिप्पणी बनी मारपीट की वजह, एकपक्षीय कार्रवाई से छात्र गुट नाराज

BHU में UGC है बहना, आपत्तिजनक टिप्पणी बनी मारपीट की वजह, एकपक्षीय कार्रवाई से छात्र गुट नाराज

BHU में UGC है बहना, आपत्तिजनक टिप्पणी बनी मारपीट की वजह, एकपक्षीय कार्रवाई से छात्र गुट नाराज

चन्दौली वाराणसी  BHU में कथित तौर पर UGC विवाद को लेकर छात्र गुटों में हुई मारपीट का मामला अभी भी गरमाया हुआ है। इस मामले में घायल ओबीसी छात्र आदर्श कुमार की ओर से पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली, जबकि दूसरे पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई न होने से छात्र नाराज हैं। यही वजह है कि छात्र रूइया हास्टल के बाहर सड़़क पर उतर गये। प्राक्टोरियल बोर्ड और लंका पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया। एमए पोलिटिकल साइंस के छात्र अमित कुमार ने बताया कि आदर्श ने मेस में बातचीत के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। ओबीसी और सवर्ण समाज की बराबरी के सवाल पर कहाकि अपनी बहन-बेटी दे दो बराबरी हो जायेगी। इसी बात पर मामला आगे बढ़ा। मौके पर मौजूद छात्रों का कहना है कि मामला व्यक्तिगत रंजिश का था और इसे यूजीसी विवाद से जोड़कर तूल देने का प्रयास किया गया।अमित कुमार ने कहाकि आदर्श कुमार एमएम इतिहास विभाग का छात्र है लेकिन एमएम राजनीति विज्ञान के छात्रों के सोशल मीडिया ग्रुप में आ गया। इसके बाद उसने ग्रुप में आपत्तिजनक मैसेज डालने शुरू किये। इसी सवाल जवाब के बाद आदर्श ने तीन बार फोन किया और हमलोगों को सेंट्रल लाइब्रेरी बुलाया। कहाकि वहीं आओ तो सवर्णवाद समझाते हैं। लेकिन दूसरे गुट के छात्र लाइब्रेरी नही गये और कहाकि हास्टल आओ। बात थम गई। लेकिन शाम को मेस में दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया। आरोप है सवर्णवाद और ओबीसी के बराबरी के सवाल पर उसने यह कह दिया कि अपनी बहन-बेटी दे दो बराबरी हो जायेगी। यही बात विवाद की असली वजह बना। मारपीट में आदर्श को चोटें आई और उसने आरोप लगाया कि उसे यूजीसी के समर्थन में निकले वीडियो को फेसबुक पेज पर शेयर किया था। इसी से नाराज होकर उस पर हमला किया गया। लेकिन बहन-बेटी देने की बात नही बताई।आदर्श के मामले में मुकदमा दर्ज हो गया। जबकि दूसरे पक्ष ने भी थाने में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की। अमित का कहना है कि विवाद की असली वजह यूजीसी विवाद नही व्यक्तिगत था। उसने मारपीट के दौरान बीच-बचाव किया था तो उसका भी नाम तहरीर में डाल दिया गया। इसी मसले पर दूसरे गुट के छात्र अभय चतुर्वेदी ने भी वहीं बात बताई। उसने कहाकि आदर्श ही फोन कर उन्हें लाइब्रेरी बुला रहा था। शाम को जब मेस में मिला तो वही बहन-बेटी देने वाली बात कही जो आपत्तिजनक थी। अभय ने कहाकि आदर्श ने जो मुकदमा दर्ज कराया है उनमें एक ओबीसी वर्ग का भी छात्र है और यूजीसी का समर्थक है। उसे भी मुकदमे में लपेट लिया गया। हमारी तहरीर पर कोई कार्रवाई नही की गई। हमलोग मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रयासरत है। हमारे पर आदर्श के आडियो रिकार्डिंग और वीडियो क्लिप है। इसके बावजूद प्रशासन एकपक्षीय कार्रवाई कर रहा है।

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