
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
यवतमाल जिले के वणी शहर के एकतानगर का हाल बयां करने के लिए ये लाइन काफी है। 10 मिनट की बारिश होते ही सड़कों के गड्ढे तालाब बन जाते हैं और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है।
*क्या है समस्या:*
1. *टूटी सड़कें, भरे गड्ढे:* शहर की सड़कें बदहाल हैं। छोटी सी बारिश में ही गड्ढों में पानी भर जाता है। लोगों को गड्ढे दिखते ही नहीं और हादसे का डर हर वक्त बना रहता है।
2. *नालियों की सफाई नहीं:* नालियों की नियमित सफाई न होने की वजह से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बदबू और मच्छरों का प्रकोप अलग। बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
3. पानी की किल्लत:नगरपालिका प्रशासन नियमित पेयजल आपूर्ति देने में नाकाम है। हाल ये है कि नल में पानी आधी रात को छोड़ा जाता है। मजबूरी में लोगों को रातभर जागकर पानी भरना पड़ता है। नींद खराब, काम खराब।
शिकायत का कोई असर नहीं:
एकतानगर की नगरसेविका से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सवाल एक ही – टैक्स तो समय पर लेते हो, सुविधा कब दोगे?
वणी की जनता अब बस इतना पूछ रही है – “विकास के दावे कहां हैं? बुनियादी जरूरतें कब पूरी होंगी?






