
सेड़वा (बाड़मेर)।
ग्राम पंचायत सोनड़ी, पंचायत समिति सेड़वा क्षेत्र में जंगली सूअरों की अनियंत्रित संख्या के कारण किसानों की फसलें भारी मात्रा में नष्ट हो रही हैं। यह स्थिति न केवल कृषि संकट को जन्म दे रही है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करती है।
ग्रामीणों द्वारा बार-बार मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक किसी भी सक्षम विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जो कि कर्तव्य में घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
राज्य सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित
सरकार जहां किसान हितैषी योजनाओं का दावा कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर किसान अपनी फसल बचाने के लिए स्वयं पहरेदार बना हुआ है। जंगली सूअरों द्वारा फसल नष्ट होना प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति है, जिसकी भरपाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
प्रशासन से तत्काल मांग
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें—
→ जंगली सूअरों को पकड़ने/नियंत्रण हेतु तत्काल विशेष अभियान।
→ प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा।
→ वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी तय की जाए।
चेतावनी
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो किसान मजबूरन उच्च अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष शिकायत और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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