
बस्ती: मदरसा में फर्जी नियुक्ति पर बड़ा एक्शन, वेतन रिकवरी और FIR के आदेश
मदरसा नियुक्ति घोटाला: फर्जीवाड़े पर गिरी गाज, अब वसूला जाएगा वेतन, दर्ज होगी FIR
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती: फर्जी नियुक्ति पर बड़ा एक्शन, वेतन वसूली और FIR के आदेश
ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती मंडल
- बस्ती: फर्जी नियुक्ति मामले में मदरसा शिक्षा परिषद सख्त, रिकवरी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश
- फर्जी नियुक्ति पर परिषद की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: मदरसा कर्मी पर मुकदमा और रिकवरी की तैयारी
उत्तर प्रदेश। बस्ती जिले के नंदनगर स्थित मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत बदरुल उलूम में अनुचर (चपरासी) पद पर हुई नियुक्ति को लेकर उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने सख्त कदम उठाए हैं। शासन के निर्देश पर हुई गहन जांच में नियुक्ति संदिग्ध पाए जाने के बाद परिषद ने संबंधित कर्मचारी की वित्तीय सहमति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, अब तक लिए गए वेतन की रिकवरी और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
परिषद की रजिस्ट्रार एवं निरीक्षक अंजना सिरोही द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बस्ती मंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। इस समिति ने वर्ष 1996 और 1998 के दौरान हुई नियुक्तियों की विस्तृत जांच की।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 1996 में हुई नौ नियुक्तियों में से आठ नियुक्ति-पत्रों पर तत्कालीन सचिव अब्दुल लतीफ खान के हस्ताक्षर थे, जबकि मदरसा कर्मचारी नियाज अहमद के नियुक्ति-पत्र पर तत्कालीन नायब सचिव मोहम्मद वली के हस्ताक्षर पाए गए। इस विसंगति को समिति ने गंभीर अनियमितता मानते हुए मामले को संज्ञान में लिया।
साक्ष्य देने में विफल रहा प्रबंधन
जांच प्रक्रिया के दौरान नियाज अहमद और मदरसा प्रबंधन को अपनी नियुक्ति की वैधता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त अवसर और समय दिया गया था। हालांकि, प्रबंधन और कर्मचारी नियुक्ति की सत्यता साबित करने वाले कोई भी ठोस साक्ष्य या अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने भी हस्ताक्षर में भारी विसंगतियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
होगी रिकवरी और कानूनी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद, मदरसा शिक्षा परिषद ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, बस्ती को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:
- वित्तीय सहमति निरस्त: कर्मचारी नियाज अहमद की वित्तीय सहमति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
- वेतन वसूली: नियुक्ति की तिथि से अब तक कर्मचारी को भुगतान की गई पूरी धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाएगी।
- FIR के निर्देश: नियुक्ति-पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज कराने और विधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
परिषद की इस सख्त कार्रवाई ने जिले के अन्य मदरसों में हुई नियुक्तियों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
















