
रानी लक्ष्मी बाई इण्टर कॉलेज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सर्वाधिक दो स्वर्ण सहित बारह पदक झटके।
रानी लक्ष्मी बाई इण्टर कॉलेज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सर्वाधिक दो स्वर्ण सहित बारह पदक झटके।
बंदे भारत लाइव न्यूज़ टीवी
जिला प्रमुख की खास रिपोर्ट
राहुल मिश्रा लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश
गोला गोकर्णनाथ
राजेंद्र गिरि स्टेडियम पब्लिक इंटर कालेज में तहसील स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में रानी लक्ष्मी बाई इण्टर कॉलेज शहाबुद्दीनपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण व तीन रजत सहित बारह पदक अपने नाम करके यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। इस उपलब्धि पर कॉलेज के प्रधानाचार्य सर्वेश कुमार वर्मा व उप प्रधानाचार्य उदयवीर ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं व बधाई देते हुए कहा ऐसे ही शानदार प्रदर्शन करते हुए एक दिन मण्डल स्तर व राष्ट्र के लिए खेलकर प्रदेश व देश का नाम रोशन करें।
प्रधानाचार्य ने कहा की शिक्षा के साथ ही खेलों के विकास से बच्चे का शारीरिक व मानसिक विकास होता है।
तहसील स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में कॉलेज की कक्षा नौ की छात्रा शिल्पी देवी ने भाला फेंक में प्रथम स्थान पर स्वर्ण पदक , कक्षा ग्यारह के छात्र हिमांशू सिंह ने लंबी कूद में द्वितीय स्थान पर रजत पदक, कक्षा इण्टर के छात्र जितेश ने 400 मीटर दौड़ में तृतीय स्थान पर कांस्य पदक , कक्षा इण्टर की छात्रा निधि ने 400 मीटर दौड़ में तृतीय स्थान पर कांस्य पदक व कक्षा ग्यारह की छात्रा शिवानी ने 400 मीटर दौड़ में तृतीय स्थान पर कांस्य पदक अपने नाम किया ।
दूसरे दिन की प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें कक्षा नौ के छात्र अभिषेक पाण्डेय ने क्रमशः लंबी कूद व ऊंची कूद में स्वर्ण पदक व कांस्य पदक, कक्षा ग्यारह की छात्रा राधा ने ऊंची कूद में कांस्य पदक, कक्षा ग्यारह के छात्र हिमांशू सिंह ने 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक, कक्षा इण्टर की बहन निधि ने क्रमशः 1500 मीटर दौड़ व ऊंची कूद में कांस्य पदक तथा कक्षा इण्टर की छात्रा नैंसी ने 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम किया।
सभी प्रतिभागियों ने अतिसूक्ष्म समय में तैयारी करके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर अपना और विद्यालय का नाम रोशन किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार से कोच भूपेंद्र वर्मा, खेल प्रभारी अंकुल शर्मा , सलमान , अलका आदि शिक्षक/ शिक्षिकाएं व खेल ट्रेंनर मौजूद रहे जिन्होंने लगातार मैदान प्रांगण मे अपनी सक्रिय सहभागिता दिखायी ताकि किसी बच्चे के कोई इवेंट्स आदि मिस न हो जाये।










