
दूसरी सरकारी भाषा के दर्जा के बाद भी नीतिश राज मे उर्दू भाषा का विकास नहीं हुआ – क्यामुद्दीन अंसारी

आरा। इंसाफ मंच भोजपुर जिला कमिटी की बैठक श्रीटोला में सम्पन्न हुई. बैठक मे बदलो बिहार महाजुटान 9 मार्च 2025 की तैयारी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और बड़ी तादाद मे इंसाफ पसंद लोगों को गोलबंद करने का निर्णय लिया गया. बैठक मे उर्दू भाषा के विकास, तथा कब्रिस्तान की घेरा बंदी मे नीतिश भाजपा सरकार की लापरवाही की कड़ी आलोचना की गयी. बैठक को संबोधित करते हुए इंसाफ मंच के राज्य सचिव क्यामुद्दीन अंसारी ने कहा कि उर्दू भाषा बिहार की दूसरी सरकारी भाषा है पर नीतिश भाजपा के 20 वर्षों मे उर्दू भाषा बदहाली के कागार पर है। अंसारी ने कहा कि नीतिश सरकार बिहार के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालय मे उर्दू भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति करने मे बुरी तरह विफल है.उन्होंने कहा कि नीतिश भाजपा राज मे 2019 के बाद कब्रिस्तान की घेरा बंदी के लिए कोई प्राथमिकता सूची नहीं तैयार की है जो अल्पसंख्यक विरोधी चरित्र का पर्दाफाश करता है। बैठक मे इंसाफ मंच के राज्य सचिव क्यामुद्दीन अंसारी, अजय राम उर्फ गांधी, मकबुल अंसारी, मो.खुर्शीद उर्फ मुन्ना, कैमुद्दीन अंसारी, अली हसन, मो.रफीक अंसारी उपस्थित थे.







