
गाजीपुर। मौजूदा वित्तीय वर्ष समाप्त होने में दो दिन शेष हैं। ऐसे में सभी विभाग बजट खपाने में जोरशोर से जुट गए हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो 1.22 अरब रुपये की धनराशि अब भी बची है, जिसे आने वाले दो दिनों में नहीं खर्च किया गया तो यह बजट शासन को वापस चला जाएगा।
जिले में कुल 158 परियोजनाओं में से 46 पूरी हो चुकी हैं। जबकि 112 अभी गतिमान हैं। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की बात करें तो 7.49 करोड़ से पुलिस लाइन में 150 पुरुष कर्मचारियों के लिए बैरक का निर्माण पूरा हो चुका है। 3.33 करोड़ से सीएचसी देवकली, 10.78 करोड़ से अग्निश्मन केंद्र सिखड़ी आवासीय एवं अनावासीय और एक करोड़ से राजकीय पॉलिटेक्निक छात्रावास का निर्माण पूरा हुआ है। वहीं, 6.99 करोड़ की लागत से स्टेडियम का निर्माण हुआ है, जो अभी तक हैंडओवर नहीं हो पाया है। इसी तरह 9.86 करोड़ की लागत से ड्रग वेयर हाउस, 9.89 करोड़ से बन रहा गो संरक्षण केंद्र, 1.32 करोड़ से सोमेश्वर महादेव का पर्यटन विकास, 2.95 करोड़ से राजकीय पॉलिटेक्निक हॉस्टल समेत 112 परियोजनाओं का काम चल रहा है। इसी तरह शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, वन और लोक निर्माण विभाग को पूरे साल में 16 अरब 97 करोड़ तीन लाख 77 हजार 760 रुपये आवंटित हुए। इसमें से 15 अरब 74 करोड़ 73 लाख 20 हजार 75 रुपये खर्च हुए। जबकि एक अरब 22 करोड़ 30 लाख 57 हजार 685 रुपये 29 मार्च तक शेष हैं। इस धनराशि को यदि खर्च नहीं किया गया तो यह 31 मार्च की मध्य रात्रि में यह वापस हो जाएगी। ऐसे में बजट खपाने में सभी विभागों के अधिकारी जुटे रहे।





