
मृत पिता को कागजों में जिंदा रख सालों खाई पेंशन
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। मृत पिता को कागजों में जिंदा रख सालों खाई पेंशन, दिखाने के लिए ‘किराये का बाप’ भी रखा।।
लखनऊ
आलोक तिवारी ने अपने पिता प्रेम शंकर तिवारी की पेंशन में तगड़ा खेल कर दिया। माध्यमिक शिक्षा विभाग में टीचर के पद से रिटायर हुए प्रेम शंकर की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। जिसके बाद पेंशन बंद हो जानी चाहिए थी। लेकिन बेटे ने खेल कर दिया। उसने पिता को कागजों पर जिंदा रखा और पेंशन की मलाई चाटता रहा।
9 जुलाई 2025
लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सुनकर आप कहेंगे कि ‘टप्पेबाजी की भी हद होती है’। शहर के एक शख्स ने अपने मरे हुए पिता को कागजों में जिंदा रखकर सालों तक पेंशन की रकम हड़प ली। यही नहीं, वो किराए पर एक शख्स को रखकर विभाग को गुमराह कर रहा था। अब पेंशन विभाग ने इस ‘महान’ बेटे को रिकवरी नोटिस ठोक दिया है।
मामला लखनऊ के तेलीबाग इलाके का है। यहां रहने वाले आलोक तिवारी ने अपने पिता प्रेम शंकर तिवारी की पेंशन में तगड़ा खेल कर दिया। माध्यमिक शिक्षा विभाग में टीचर के पद से रिटायर हुए प्रेम शंकर की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। जिसके बाद पेंशन बंद हो जानी चाहिए थी। लेकिन बेटे ने खेल कर दिया। उसने पिता को कागजों पर जिंदा रखा और पेंशन की मलाई चाटता रहा।
💫दूसरे शख्स को पिता बनाया ::
आलोक ने पेंशन विभाग को पिता की मृत्यु की खबर ही नहीं दी। वो मृत पिता की पेंशन हर महीने अपने खाते में डलवाता रहा। आलोक ने किसी दूसरे शख्स को पैसे देकर पिता भी बनाया।और उसे ही विभाग के सामने पेश करता रहा। साल दर साल, ये खेल चलता रहा। पेंशन विभाग को भनक तक नहीं लगी कि वो जिसे पेंशन दे रहे हैं, वो इस दुनिया में है भी या नहीं!
💫जांच में खेल खुला ::
आखिरकार पेंशन विभाग की नींद टूटी।फरवरी 2025 में जब डॉक्यूमेंट्स देखे गए तो अधिकारियों को शक हुआ। फोटो में असली प्रेम शंकर तिवारी का चेहरा मैच ही नहीं हो रहा था। इसके बाद विभाग ने जांच की। पता चला कि उनकी तो पहले ही मौत हो चुकी है। और बेटा लंबे समय से विभाग के साथ खेल कर रहा है। अब विभाग ने इस शख्स को रिकवरी नोटिस भेजा है।
हालांकि फर्जीवाड़े को लेकर विभाग ने आलोक तिवारी के खिलाफ अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की है। विभाग का कहना है कि अगर पैसे की रिकवरी नहीं हुई, तो वो कानूनी कार्रवाई करेंगे।














