
++ वंदेभारतलाइवटीव न्युज, मंगलवार 16 सितंबर 2025 ++
प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार अपने भारत देश में स्वदेशी सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन बन चुकी है। अब भारत देश को खुद की स्वदेशी निर्मित एचपीवी/ हयमून पैपिलोमा वायरस, वैक्सीन प्राप्त हो गई है। आइये इसके विषय में जानते हैं-: सर्वाइकल कैंसर यह महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारतदेश में यह कैंसर महिलाओं के मौत होने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। जानकारी अनुसार इस बीमारी से प्रतिवर्ष लगभग सत्तर हजार महिलाओं की जान भी जाती है। जानकारी के इन सभी मामलों में इसका कारण हयमून पैपिलोमा वायरस का संक्रमण होना है। यह संक्रमण धीरे धीरे शरीर पर असर करता है और कैंसर बनने में लगभग 15से 20 वर्ष तक लग जाते हैं। एचपीवी वैक्सीन से महिलाओं के गर्भाशय का कैंसर लगभग पूरी तरीके से रोका भी जा सकता है। जानकारी के अनुसार अभीतक एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह से विदेशी कंपनियों की थी, जिसका मूल्य करीब 2,000 रूपय तक होती थी। परन्तु अब सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एवं भारत सरकार की साझेदारी से बनी हुई यह “कर्वावैक वैक्सीन” लगभग 300 से 400 रूपय तक में सरकार को उपलब्ध होगी। जानकारी अनुसार इसे राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है। अतः यह वैक्सीन 09 वर्ष से लेकर 14 वर्ष आयु की सभी लड़कियों को निशुल्क भी मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग सात करोड़ वैक्सीन डोज बन रही है। सीरम इंस्टीट्यूट का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 तक इसे दुगुना किया जाना है।










