
कोरिया – सोनहत मोर आवास-मोर अधिकार’ की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। मनोज साहू ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जब से प्रदेश में नई सरकार का गठन हुआ है, आवास योजना के क्रियान्वयन में अभूतपूर्व तेजी आई है।
*संघर्ष से सफलता तक का सफर*
विगत वर्षों में मनोज साहू एवं उनके कार्यकर्त्ताओं ने ‘मोर आवास-मोर अधिकार’ के बैनर तले जनता की आवाज बुलंद की गई थी, जिसका सीधा असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। इस बजट में 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास हेतु 4हजार करोड़ बजट की स्वीकृति रखी गयी है ।
*बड़ा लक्ष्य: 26 लाख परिवारों को पक्का मकान देने की घोषणा*
यह कदम उन वंचित परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा जो वर्षों से कच्चे मकानों में रहने को मजबूर थे। इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
*मनोज साहू के अनुसार*
विगत वर्ष हम लोगों के आवास के अधिकार की लड़ाई लड़ी थी, मोर आवास-मोर अधिकार का अभियान चलाया था और जबसे हमारी सरकार आई है, 26 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट में भी हमने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 4,000 करोड़ का प्रावधान रखा है। उन्होंने “बहता पानी निर्मला“ अर्थात बहता पानी ही शुद्ध रहता है। जब देश निरंतर आगे बढ़ रहा हो तब ऐसी परिस्थिति में 20 साल पुरानी योजनाओं में बिना कोई प्रासंगिक परिवर्तन किये हम देश को आगे नहीं बढ़ा सकते, यही कारण है कि केंद्र सरकार, और अधिक बजट तथा महत्वकांक्षा के साथ नवीन योजना, विकसित भारत जी राम जी प्रारंभ करने जा रही है।

















