उत्तर प्रदेशबस्ती

बस्ती: न्यायालय और PWD के आदेश को धता! गायघाट में पुलिस की शह पर दबंगों का अवैध निर्माण जारी

कोर्ट का सख्त निर्देश बेअसर: गायघाट चौकी इंचार्ज की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, विवादित जमीन पर कब्जा; गायघाट रामजानकी मंदिर विवाद: कानून की धज्जियां उड़ा रहे दबंग, पुलिस मूकदर्शक, विभाग ने माना निर्माण अवैध

13 / 100 SEO Score

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: कानून का मखौल! कोर्ट और PWD की रोक के बावजूद ‘दबंग’ करा रहे अवैध निर्माण, पुलिस बनी मूकदर्शक

  • बस्ती में कानून का मखौल: अदालती रोक के बावजूद दबंगों ने शुरू किया निर्माण, चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध
  • न्यायपालिका बनाम दबंगई: कोर्ट के आदेश और PWD की रोक को ठेंगा दिखा रहे निर्माणकर्ता, पीड़ित ने लगाई गुहार

बस्ती: जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र के गायघाट में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। रामजानकी मंदिर से जुड़ी एक विवादित जमीन पर दबंगों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय पुलिस, विशेषकर गायघाट चौकी इंचार्ज की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि एक ओर जहां कोर्ट ने निर्माण कार्य पर रोक लगा रखी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते दबंग बेखौफ होकर नियमों को ताक पर रख रहे हैं।IMG 20260712 120705IMG 20260712 120749IMG 20260712 120730

​कोर्ट का स्पष्ट आदेश: “यथास्थिति बनाए रखें”

​मामले की गंभीरता को देखते हुए, सिविल जज (सी.डी.) बस्ती ने 10 जुलाई 2026 को अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण न किया जाए और न ही उसकी प्रकृति में कोई परिवर्तन किया जाए। अदालत ने दोनों पक्षों को मौके पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने का कड़ा निर्देश दिया है।

​PWD ने भी माना अवैध, दी चेतावनी

​केवल अदालत ही नहीं, बल्कि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी इस निर्माण को नियमों के विपरीत करार दिया है। विभागीय जांच में यह पाया गया कि ‘उत्तर प्रदेश रोड साइड लैंड कंट्रोल रूल्स 1964’ के नियम-7 का उल्लंघन करते हुए सड़क के मध्य से 75 फीट के दायरे में अवैध रूप से नींव खोदी जा रही है। PWD के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया है कि बिना जिलाधिकारी की अनुमति के यह निर्माण पूर्णतः अवैध है और इस संबंध में संबंधित मजिस्ट्रेट को कार्रवाई हेतु पत्र भी लिखा जा चुका है।

​चौकी इंचार्ज की भूमिका पर उठे सवाल

​पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न्यायालय के सख्त आदेश और PWD की स्पष्ट रोक के बावजूद गायघाट चौकी इंचार्ज की शह पर दबंग दिन-दहाड़े निर्माण कार्य करवा रहे हैं। आरोप है कि स्थानीय पुलिस की चुप्पी और उदासीनता इन दबंगों का हौसला बढ़ा रही है। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस का काम कोर्ट के आदेशों का पालन करवाना है या दबंगों को संरक्षण देना?

​उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार

​कानून के शासन को चुनौती देते इस पूरे प्रकरण में पीड़ित ने अब उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय नागरिकों में भी इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि किस प्रकार एक चौकी इंचार्ज कानून के ऊपर खुद को समझकर मनमानी कर रहा है।

​क्या बस्ती प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा? या फिर न्यायालय और विभागीय आदेशों की इसी तरह सरेआम धज्जियां उड़ती रहेंगी? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब अब जिले के आला अधिकारियों को देना होगा।

संदर्भ:

  • ​लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार (पत्रांक 914/7सी, दिनांक 03.07.2026)
  • ​लोक निर्माण विभाग, फील्ड रिपोर्ट (दिनांक 03.07.2026)
  • ​न्यायालय सिविल जज (सी.डी.), बस्ती का आदेश (वाद संख्या 438/2026, दिनांक 10.07.2026)
Back to top button
error: Content is protected !!