
इटवा। कस्बे के निजी स्कूल में फीस के लिए बच्चों को धूप में बैठाने के मामले में बृहस्पतिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम की अगुवाई में विद्यालय को सील कर दिया गया। इसके साथ ही बीईओ की तहरीर पर बच्चों को प्रताड़ित करने व अभिभावकों को धोखे में रखकर दाखिला लेने के मामले में बीईओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
बीईओ ओपी मिश्र ने बृहस्पतिवार को दिये तहरीर में आरोप लगाया है। प्रधानाचार्य शैलेश कुमार त्रिपाठी ने फीस न जमा करने पर बच्चों को विद्यालय के गेट के बाहर निकाल दिया और अमानवीय तरीके से प्रताड़ना दी। उसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मामला संज्ञान में आने पर जिले के डीएम ने एसडीएम कल्याण सिंह मौर्या व प्रधानाचार्य राजकीय विद्यालय इन्द्रीग्रान्ट समर बहादुर सिंह की दो सदस्यीय टीम का गठन करके जांच करने को कहा। जांच में मामले की पुष्टि होने व मान्यता न होने की बात सामने आई। दो सदस्यीय टीम की मिली रिपोर्ट पर बृहस्पतिवार को डीएम की ओर से दिए गए आदेश पर इटवा पुलिस ने बीईओ ओपी मिश्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस संबंध में एसओ श्रीप्रकाश यादव का कहना है कि बीईओ ओपी मिश्र की तहरीर पर यथोचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। वहीं, बीएसए को निर्देश दिया गया कि है जल्द ही अन्य विद्यालय में बच्चों को दाखिला करा दें। जिससे पढ़ाई और सत्र दोनों बर्बाद न होने पाए।यह है पूरा मामला
नगर पंचायत इटवा के श्यामराजी हाई स्कूल बरगदवा के प्रबंधक ने फीस के भुगतान न जो रुख अख्तियार किया था। उसने एक अक्तूबर को सुबह जब विद्यालय में बच्चे आए तो फीस न जमा करने वाले बच्चों को विद्यालय के मुख्य गेट पर जाकर बैठने को कहा और फीस न जमा करने वाले इन बच्चों का वीडियो बनाकर उनके अभिभावकों को भेज दिया। वीडियो बनाते समय बच्चों ने शर्म वश अपना चेहरा छुपा लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर प्रबंधक के इस कृत्य की हर कोई निंदा करने लगे। देखते ही देखते मामला आग की तरह से फैल गया। मामले की जांच एसडीएम इटवा को सौंपी गई थी।










