- यू-टर्न और चालान से परेशान वाराणसी में ई-रिक्शा चालक, रूट नंबर-4 पर हड़ताल की चेतावनी
- गैंगस्टर के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब थाने के सामने 4 घंटे धरना
- बिजनौर : दिल्ली पब्लिक स्कूल में हुआ रोबोटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन
- विश्वकर्मा मन्दिर मकराना में फागोत्सव कार्यक्रम हुआ आयोजन
- जिला कलक्टर ने जिला एवं सेशन न्यायाधीश को सौंपा जिला व सेशन न्यायालय का पट्टा
- घर में ही रखे बक्से में म्रत महिला की डेड बाडी
- चिरमिरी/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का श्री जगन्नाथ मंदिर आगमन पूरे आयोजन का आध्यात्मिक शिखर बन गया। जैसे ही मुख्यमंत्री मंदिर परिसर पहुंचे, शंखनाद, घंटों की मधुर ध्वनि, ढोल-नगाड़ों की गूंज और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर प्रबंधन समिति और पुजारियों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं चंदन तिलक लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंदिर परिसर में अपार जनसमूह उमड़ पड़ा था और श्रद्धालु मुख्यमंत्री के दर्शन के साथ-साथ भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन-पूजन किया और आहुति अर्पित करते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास की कामना की। इसके पश्चात वे बाबा श्री पुरुषोत्तम पुरी महाराज जी की कुटिया पहुंचे और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। संत समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन समाज को नैतिक शक्ति प्रदान करता है और जनसेवा के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने मुख्य श्री जगन्नाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान के चरणों में नमन किया तथा शिव मंदिर में जल अर्पित कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थलों का संरक्षण और विकास हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारी सरकार मंदिर परिसर के समुचित विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मंदिर परिसर स्थित आनंद बाजार में मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ सादगी पूर्वक बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जिससे जनसरोकार और समानता का संदेश गया। श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की उन्नति और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री के इस आध्यात्मिक प्रवास ने चिरमिरी की धरती पर विकास और धर्म का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेश की समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की गई। इस प्रकार यह दिन केवल विकास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक बन गया। इस अवसर पर बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े, जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नई लेदरी नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राणा, झगराखांड नगर पंचायत अध्यक्ष रीमा यादव, अनिल केसरवानी पूर्व जिला अध्यक्ष, द्वारिका जायसवाल महामंत्री, आशीष मजूमदार, धर्मेंद्र पटवा नगर पालिका परिषद् मनेंद्रगढ़ उपाध्यक्ष, नगर निगम सभापति संतोष सिंह, सरजू यादव, नरेंद्र कुमार दुग्गा कमिश्नर सरगुजा, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, एसपी रतना सिंह, अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, समस्त एसडीएम, समस्त जनपद सीईओ और समस्त विभाग के अधिकारी कर्मचारी के समस्त जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।
- जन चौपाल का कांग्रेस द्वारा किया गया आयोजन, मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान को लेकर हुई चर्चा
- जय जगन्नाथ के जय घोष से गूंजा चिरमिरी मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली की कामना
- जनदर्शन में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजेन्द्र बहादुर सिंह की 20 वीं पुण्यतिथि पर दी गईं भावपूर्ण श्रद्धांजलियां*
- संगठन विस्तार को लेकर अहम बैठक, चुनावी तैयारी का शंखनाद
- पिपरवार में बच्चा चोरी के शक में युवक की पिटाई से मौत, चार आरोपी गिरफ्तार।।
- मंदिर जीर्णोद्धार कार्य के दौरान मजदूर की मौत, डेढ़ लाख की आर्थिक सहायता।।
- बुढ़मू में लकड़ी माफियाओं का आतंक, सखुआ–महुआ–बर के पेड़ खतरे में।।
- 2 पाकिस्तानी पकड़े गए अंबाला, घुसपैठ की, जेल से भागे…
- #अंबाला अमेरिका कृषि डील के खिलाफ बीकेयू शहीद भगत का डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन और दिया ज्ञापन
- दीक्षांत केवल डिग्री नहीं, आत्मबोध से राष्ट्रबोध की यात्रा: राज्यपाल








