उत्तर प्रदेशबस्ती

हरैया में चोरों का ‘राज’, सोती रही खाकी: एक ही रात में कई घर खंगाले

दहशत में हरैया: पुलिस की गश्त कागजों में, चोरों ने घरों में मचाया तांडव बेखौफ चोरों का दुस्साहस: महिला को धक्का देकर लाखों का माल उड़ाया, पुलिस देखती रही

अजीत मिश्रा (खोजी)

हरैया में ‘खाकी’ बेखबर, चोरों का तांडव: एक ही रात में कई घरों को बनाया निशाना

  • पुलिस की रात्रि गश्त की खुली पोल, रजिस्ट्री ऑफिस के पीछे चोरों ने बोला धावा
  • क्या हरैया में सुरक्षित हैं आप? एक ही रात में तीन घरों को बनाया निशाना
  • ‘चोरों को खुली छूट, पुलिस को पता नहीं’: हरैया में कानून-व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

बस्ती: हरैया कस्बे में कानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाते हुए चोरों ने एक ऐसा दुस्साहसिक कारनामा किया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रजिस्ट्री ऑफिस के पीछे का इलाका, जो घनी आबादी वाला क्षेत्र है, वहां चोरों ने पूरी रात अपनी मर्जी से उत्पात मचाया और पुलिस सोती रही।

सोती रही पुलिस, बेखौफ चोरों का तांडव

एक तरफ प्रशासन रात्रि गश्त और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर हरैया में चोरों ने उन दावों की हवा निकाल दी है। चोरों ने एक ही रात में कई घरों को अपना निशाना बनाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्हें किसी का डर नहीं था। वे आराम से घरों के ताले तोड़ते रहे और पुलिस की गाड़ी वहां से नदारद रही।

सूरज गौड़ के घर धावा, महिला को धक्का देकर उड़े जेवरात

चोरी की सबसे भीषण घटना सूरज गौड़ के घर पर हुई। चोरों ने न केवल लाखों रुपये के कीमती जेवरात पर हाथ साफ किया, बल्कि जब घर की महिला ने उनका विरोध करने की कोशिश की, तो उसे धक्का देकर वे बेखौफ फरार हो गए। इस घटना ने पूरे मोहल्ले में दहशत फैला दी है।

स्कूटी से लेकर साइकिल तक ले उड़े चोर

चोरों की भूख यहीं शांत नहीं हुई। सूरज गौड़ के घर को खंगालने के बाद, उन्होंने गणेश के घर के बाहर खड़ी स्कूटी भी पार कर दी। इतना ही नहीं, जाते-जाते चोरों ने अगले मकान से एक साइकिल भी उठाई और बड़ी सफाई से चंपत हो गए।

पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल

घटना के बाद परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से जेवरात और वाहन जुटाए थे, वे अब पुलिस की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि अगर गश्त मुस्तैद होती, तो इतनी बड़ी वारदात शायद टल सकती थी।

पुलिस की भूमिका पर उठे बड़े सवाल

सूचना मिलने के बाद हरैया पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की है। लेकिन सवाल यह है कि जब चोर घरों के ताले तोड़ रहे थे, तब ‘खाकी’ कहाँ थी? क्या पुलिस की गश्ती व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित है?

रजिस्ट्री ऑफिस के पीछे हुई इन वारदातों ने हरैया के निवासियों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक इन चोरों को सलाखों के पीछे भेजती है और भविष्य के लिए सुरक्षा की क्या ठोस व्यवस्था करती है।

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