
आधुनिक सुविधाओं से सजा कम्पोजिट विद्यालय बैरिया, निजी स्कूलों को दे रहा चुनौती
स्मार्ट क्लास और एसी कक्षाओं से बच्चों को मिलेगा नया अनुभव
बैरिया (बलिया)। शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करते हुए कम्पोजिट विद्यालय बैरिया का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के बाद विद्यालय अब किसी आधुनिक शिक्षण संस्थान से कम नहीं दिखता। वातानुकूलित कक्षाएं, स्मार्ट क्लास, आकर्षक पार्क, बच्चों के लिए झूले तथा सुसज्जित परिसर बरबस ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
विद्यालय में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्मार्ट क्लास के माध्यम से छात्र-छात्राओं को तकनीक आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और रुचि में वृद्धि होगी। वहीं, वातानुकूलित कक्षाओं से बच्चों को आरामदायक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
विद्यालय परिसर में विकसित पार्क और विभिन्न प्रकार के झूले बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होंगे। खेल-खेल में सीखने की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालय का आकर्षक रंग-रोगन, स्वच्छ परिसर और सुंदर सजावट अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों की सराहना का केंद्र बना हुआ है।
प्रधानाध्यापक भरत प्रसाद गुप्त ने बताया कि विद्यालय के भौतिक संसाधनों का विकास तो हो गया है, अब लक्ष्य शैक्षणिक गुणवत्ता को जिले में प्रथम स्थान पर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के सभी शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नई सुविधाओं का लाभ विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से मिलेगा और उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।प्रधानाध्यापक भरत प्रसाद गुप्त ने क्षेत्र के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों का नामांकन अधिक से अधिक संख्या में कम्पोजिट विद्यालय बैरिया में कराएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं, अनुभवी शिक्षक, स्मार्ट क्लास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यालय परिवार प्रत्येक छात्र को बेहतर शिक्षा, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास का अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।क्षेत्र के अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने विद्यालय के बदले स्वरूप की प्रशंसा करते हुए इसे सरकारी विद्यालयों के लिए एक प्रेरणादायी पहल बताया है। विद्यालय का नया रूप न केवल बच्चों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत कर रहा है।





















